Saturday, December 26, 2009

दोस्ती करने वाले तो लाखों देखे,पर
निभाने वाला,कोई नहीं
हंसने वाले तो बहुत देखे,पर दूसरों
के चेहरे पर मुस्कराहट लानेवाला कोई नहीं,
अपने जीवन में,खुशियों के रंग भरते लाखों देखे,
परन्तु दूसरों के सपने सजाने वाला कोई नहीं,
रिश्तों में हमदर्दी जताते तो बहुत देखे,पर
सही मायने में अपना कोई नहीं|

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