Friday, November 13, 2009

जब हमारा व्यक्तित्व अत्यधिक जटिल हो जाता है तो उसके अनेकों टुकड़े हो जातें हैं|हमारे जीवन में यह जटिलता गलत सामाजिक मूल्यों और अवधारणाओं के कारण आती है|

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