Saturday, September 12, 2009

दिल की धड़कनों में तुम,
आंखों के हर ख्वाब में तुम,
जीवन के हर उतार-चडाव में तुम,
हर ख्वाहिश,हर तमन्ना ,मेरी हर
खुशी का हिस्सा हो तुम,
साँसें तो उसकी देन हैं,पर
मेरे जीने की वजह हो तुम,
दूर ही सही,फिर भी मेरे दिल
के बहुत करीब हो तुम।

1 comment:

  1. साँसें तो उसकी देन हैं,पर
    मेरे जीने की वजह हो तुम,


    खुशकिस्मत हैं वो जिन्हें कोई इस तरह टूट कर चाहता है

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