गिले शिकवे करता रहा ,इंसान
कभी दूसरों से ,तो ख़ुद से कभी,
सब कुछ पाकर ,कोसा कभी
किसी के वादों को,
तो कभी किसी के इरादों को,
सोचता रहा ,जीवन भर
क्यों मेरे सपने अधूरे रह गए सभी,
विचलित होकर बोले भगवन,
हर जीव-जंतु से अधिक दिया तुम्हे
फिर क्यों तुम संतुष्ट हुए न कभी।
God knows the best and He has given BEST to all.
ReplyDeleteRegards,
gitu